जीवनदीपी समिति मद BMO BPM का बना चरागाह
जीवनदीप समिति एक पंजीकृत स्वतंत्र इकाई के रूप में अपने साधारण सभा एवं कार्यकारणी सभा के माध्यम से शासन से प्राप्त अनुदान राशि एवं दानदाताओं द्वारा दी गई दान राशि से मरीजों सेवा और सुविधा में अहम भूमिका निभाती है ।
समिति द्वारा आपात स्थिति के लिए 5000/ रूपये नगद रखने किसी एक सदस्य को अधिकृत करती है ।
जीवनदीप की राशि में भी अधिकारियों की नीयत खराब हो गई है ।उक्त राशि को फर्जी बिल लगा कर आहरण कर लेना तो अपने देखा भी और सुना भी है ।
अब दान की राशि का बंदरबांट करने नया तरीका ईजाद किया जा चुका है । किसी एक के नाम अग्रिम राशि खाता से अंतरित किया जाता है फिर फर्जी बिल लगा कर समायोजन कर दिया जाता है ।इसकी भनक न तो साधारण सभा और न ही कार्यकारणी सभा को लगने दी जाती है।
इसी तरीके के प्रयोग खंड चिकित्सा अधिकारी बिल्हा द्वारा वर्ष 2022 शुरू किया गया ।
अनिल गढ़ेवाल जो jds बिल्हा का सदस्य/द्वितीय हस्ताक्षरी नहीं है, जिसे खुद bmo ने अपने इन दो पत्रों में प्रमाणित किया है -
(1) पत्र क्रमांक/811/बी एम ओ/2020/बिल्हा दिनांक 22/6/2020
(2)पत्र क्रमांक/bmo/nhm/2021/791/बिल्हा दिनांक 7/6/2021
Bmo द्वारा अनिल गढ़ेवाल नाम से 2/5/22 से19/11/25 तक कुल नीचे प्रदर्शित 11 धनादेश जारी कर Rs -180401=00(एक लाख अस्सी हजार चार सौ एक रूपये जीवनदीप समिति chc खाता से आहरण कराया गया
(1) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र .533070 दिनांक 2/5/2022 Rs -10000/-
(2)अनिल गढ़ेवाल चेक क्र.539116 दिनांक 4/5/2022 Rs -10000/-
(3) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र. 539117 दिनांक 18/8/2022 Rs -10000/-
(4)अनिल गढ़ेवाल चेक क्र.533150 दिनांक 25/11/22Rs -10000/-
(5) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र.103997 दिनांक 29/8/2023 Rs -10000/-
(6) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र .103724दिनांक 8/12/2023 Rs -10000/-
(7) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र 103760 दिनांक 21/2/2024 Rs-10000/-
(8) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र 504141 दिनांक 4/7/2024 Rs -10000/-
(9) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र 504159 Rs -10000/-
(10) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र 269788 दिनांक 1/8/2024 Rs -7225/-
(11) अनिल गढ़ेवाल चेक क्र 269832 दिनांक 19/11/2025 Rs- 11176=00/-
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कुल राशि 108401=00
इस तरह तत्कालीन खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा अपने शासकीय धारित पद एवं समिति द्वारा दिए गए सचिव पद का दुरुपयोग किया जाकर jds कोष को प्राथमिक स्तर पर क्षति पहुंचाने के साथ साथ अनिल गढ़ेवाल द्वारा प्रस्तुत फर्जी बिलों को कार्यकारणी सभा से छुपाते हुए समायोजन किया जाना गंभीर आर्थिक अपराध को जन्म दिया गया ।
उक्त तत्कालीन खंड चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध सचिव छ ग शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं छ ग द्वारा शासकीय नियमानुसार सिविल सेवा आचरण नियमों निर्देशों का उल्लंघन विरुद्ध कार्यवाही करने के साथ साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हा में संचालित जीवनदीप समिति के अध्यक्ष माननीय विधायक एवं सचिव माननीय अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व)अनुभाग बिल्हा बिलासपुर द्वारा पुलिस थाना में आर्थिक अपराध के केस दर्ज कराते हुए उच्च स्तरीय जांच कमेटी से जांच करानी चाहिए ताकि आम मरीजों के उपचार प्रबंधन की राशि में डाला जा रहा डाका में रोक लगे ।साथ ही अनिल गढ़ेवाल के ऊपर कई वित्तीय अनियमितता के पहले भी आरोप लगते रहे है जांच में दोषी भी पाया गया इसीलिए उसकी सेवा वृद्धि आज तक नहीं हुई।
शासन से आग्रह है कि अनिल गढ़ेवाल को भ्रष्टाचार पर भारत रत्न दिया जाना चाहिए
नोट - *ऊपर दिए गए कथनों और आंकड़ों का विवरण Rti से प्राप्त दस्तावेज के आधार पर आधारित है ।
इस न्यूज पोर्टल से बिल्हा Jds में हुए वित्तीय घोटालों पर ध्यानाकर्षण कराया गया है सभी Rti सूचना पर आधारित है ।
यदि दोषियों पर त्वरित कार्यवाही नहीं होती से सभी प्रकरण के साक्ष्य दस्तावेज EOW को सौंपा जाएगा ।

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