अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी के खिलाफ मजदूरों, किसानों व जनप्रतिनिधियों का आंदोलन, सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी के मजदूरों, किसानों एवं क्षेत्रीय पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन एवं प्रशासन के समक्ष सात सूत्रीय मांगें रखीं तथा शीघ्र समाधान की मांग की।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जिले में स्थापित सभी संयंत्रों में एक समान मजदूरी दर लागू की जाए। आसपास के स्थानीय श्रमिकों को रोजगार में प्राथमिकता देने के साथ ही अनुचित रूप से निकाले गए श्रमिकों को पुनः कार्य पर रखा जाए।
किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा उनकी जमीनों का उपयोग निजी हित में किया जा रहा है तथा पूर्व में हुए समझौतों का पालन नहीं किया गया। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा एवं रोजगार देने की मांग की गई। साथ ही कच्चे माल व क्लिंकर के निर्यात पर सीमाशुल्क भुगतान तथा सीएसआर मद की राशि के उपयोग में पारदर्शिता लाने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ग्राम परसवानी, हिरमी, कथरौद, सकलोर एवं रावन सहित आसपास के प्रभावित गांवों की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसे हटाने की मांग की गई। इसके अलावा कंपनी में कार्यरत श्रमिकों के साथ हुई दुर्घटनाओं को छिपाने, पीड़ित श्रमिकों को शासन की योजनाओं से वंचित करने एवं श्रम कानूनों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया।
आंदोलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के क्षेत्र में ही किसान अपनी जमीनों के मुआवजे के लिए भटक रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। जिन किसानों को अब तक मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है, उन्हें राजस्व विभाग एवं कंपनी प्रबंधन के समन्वय से शीघ्र भुगतान किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जिन किसानों की जमीनें माइंस एवं फैक्ट्री क्षेत्र में प्रभावित हुई हैं, उन्हें ब्याज सहित पूर्ण मुआवजा दिया जाए। न्यायालय में लंबित मामलों में भी आपसी सहमति स्थापित कर किसानों को पर्याप्त मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
आंदोलनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि फैक्ट्री प्रबंधन एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित कर सभी मांगों का शीघ्र समाधान कराया जा
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