तूफान भी नहीं डिगा सका साहू समाज की आस्था : नारायणपुर में उमड़ा जनसैलाब, कर्मा महोत्सव बना संस्कृति, संगठन और शक्ति का ऐतिहासिक महासंग्राम
आंधी-बारिश के बीच गूंजे “जय भक्त माता कर्मा” के जयकारे, हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने रचा इतिहास
बेमेतरा- ग्राम पंचायत नारायणपुर में साहू समाज द्वारा आयोजित भक्त शिरोमणि माता कर्मा जयंती एवं भव्य कर्मा महोत्सव ने सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव का ऐसा विराट दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने पूरे क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर दी। तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सका। हजारों लोगों की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि माता कर्मा के प्रति साहू समाज की श्रद्धा अटूट, अडिग और अविचल है। पूरा गांव भक्तिमय वातावरण, जयकारों और सांस्कृतिक उल्लास से गूंजता रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत कर्मा मंदिर में विधिवत कलश स्थापना, पूजा-अर्चना एवं मंगल पाठ के साथ हुई। इसके बाद देर रात तक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रामनगर भिलाई की प्रसिद्ध पुष्पा साहू कृत लोक कला मंच “नवा किसान” ने शानदार छत्तीसगढ़ी लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की दमदार प्रस्तुतियों पर देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नारद साहू, जिला अध्यक्ष जिला साहू संघ बेमेतरा ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में “जय भक्त माता कर्मा”, “जय सत्यनारायण बाबा” और “जय मानस गंगा मैया” के जयकारों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति ही भगवान का वास्तविक स्वरूप है तथा भूमि, गगन, वायु, अग्नि और नीर जैसे पंचतत्वों से ही जीवन और सृष्टि का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान के बीच कार्यक्रम का सफल आयोजन माता कर्मा की विशेष कृपा और समाज की अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण है।
उन्होंने साहू समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज ने हमेशा मेहनत, त्याग, सेवा और संस्कार की परंपरा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने भामाशाह के त्याग, भक्त माता कर्मा की भक्ति और सत्यनारायण बाबा की तपस्या को समाज की प्रेरणा बताते हुए कहा कि साहू समाज सदैव राष्ट्र और समाजहित में अग्रणी भूमिका निभाता आया है। “साहू कामहू नहीं तो काला खाहू” कहावत समाज की मेहनतकश पहचान और कर्मशील परंपरा को दर्शाती है।
नारद साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साहू समाज से होना पूरे समाज के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने समाज को शिक्षा, संगठन और संस्कृति से जुड़कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में गौतम साहू, अध्यक्ष तहसील साहू संघ नांदघाट, अखिलेश साहू, अध्यक्ष परिक्षेत्रीय साहू संघ टेमरी, बेनूराम साहू, महासचिव जिला साहू संघ बेमेतरा, रामकुमार साहू, कोषाध्यक्ष जिला साहू संघ बेमेतरा, भारत साहू, संयोजक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ जिला साहू संघ बेमेतरा, गोकुल साहू, संयोजक युवा प्रकोष्ठ जिला साहू संघ बेमेतरा, ताम्रध्वज साहू, मीडिया प्रभारी जिला साहू संघ बेमेतरा, शीलू साहू, संयोजिका महिला प्रकोष्ठ तहसील साहू संघ बेमेतरा, ममता साहू, सचिव महिला प्रकोष्ठ जिला साहू संघ बेमेतरा, अनिल साहू, सह सचिव तहसील साहू संघ बेमेतरा, डॉ. नरेंद्र साहू, संगठन सचिव तहसील साहू संघ नांदघाट, बिसाहूराम साहू, सरपंच ग्राम पंचायत नारायणपुर, नूतन साहू, उपाध्यक्ष जिला साहू संघ बेमेतरा, लक्ष्मीबाई साहू, संयोजिका महिला प्रकोष्ठ बेमेतरा, सनत साहू, उपाध्यक्ष तहसील साहू संघ नांदघाट, महेश्वर साहू, ग्रामीण अध्यक्ष टेमरी, खेमलाल साहू, ग्रामीण अध्यक्ष चिचोली, मनहरण साहू, कोषाध्यक्ष तहसील साहू संघ नांदघाट, श्याम सुंदर साहू, उपाध्यक्ष परिक्षेत्र टेमरी, साहेब दास, अध्यक्ष परिक्षेत्रीय साहू संघ संबलपुर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी, महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज कुमार साहू ने किया। वहीं आयोजन समिति के पंकज साहू (अध्यक्ष), रामेश्वर साहू (सचिव), रामकुमार साहू (कोषाध्यक्ष), तखत साहू (महिला उपाध्यक्ष), कुमारी साहू (महामंत्री), सेवक साहू (सलाहकार), रामचरण साहू (सदस्य), रुक्मणी साहू एवं राजकुमारी साहू ने आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नारायणपुर में आयोजित यह कर्मा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन बनकर नहीं रहा, बल्कि साहू समाज की सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक अस्मिता, संगठन शक्ति और सामूहिक एकजुटता का विराट प्रतीक बनकर उभरा। आंधी-तूफान के बीच भी जिस तरह श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा, उसने यह साबित कर दिया कि साहू समाज अपनी संस्कृति और परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए पूरी मजबूती और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

Post a Comment