छत्तीसगढ़ की लोककला की महान साधिका तीजन बाई का निधन, कला जगत में शोक की लहर
बेमेतरा, 5 जुलाई। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का 5 जुलाई 2026 को 69 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे प्रदेश सहित देश के कला एवं संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
तीजन बाई ने अपनी मधुर आवाज, प्रभावशाली प्रस्तुति और अद्भुत अभिनय के माध्यम से पंडवानी लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी अनूठी शैली में प्रस्तुत कर लाखों लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।
उनके कला क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्मभूषण, 2019 में पद्म विभूषण, 1992 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2018 में छत्तीसगढ़ रत्न तथा 2022 में कबीर सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया।
उनके निधन पर साहित्यकारों, कलाकारों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रदेशवासियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति में उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
ॐ शांति।

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