आंधी-तूफान ने बढ़ाई त्रासदी, गरीब परिवार पर दोहरी मार
बेमेतरा - जिला बेमेतरा के ग्राम पंचायत मोहतरा (ख), पोस्ट खडसरा में एक गरीब परिवार की पीड़ा अब और भी भयावह हो गई है। पहले से ही मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे शामदास सतनामी के परिवार पर अब तेज आंधी-तूफान का कहर टूट पड़ा है, जिसने उनकी मुश्किलों को कई गुना बढ़ा दिया है।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों आई तेज आंधी और तूफान ने परिवार के कच्चे आशियाने को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। छप्पर उड़ गया, घर में रखा सामान भीगकर खराब हो गया और परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया। खाने-पीने तक की समस्या खड़ी हो गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस आपदा के बाद भी न तो ग्राम पंचायत मोहतरा (ख) के जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और न ही प्रशासन की ओर से कोई राहत या सहायता अब तक दी गई है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पहले से ही उन्हें योजनाओं से वंचित रखा गया और अब प्राकृतिक आपदा के बाद भी उनकी सुध नहीं ली जा रही। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सूचना देने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई मदद नहीं पहुंची।
👉 ऐसे में सवाल उठता है:
क्या आपदा के बाद भी प्रशासन की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है?
क्या गरीब और कमजोर वर्ग की आवाज़ इतनी कमजोर है कि उसे अनसुना कर दिया जाए?
आखिर कब मिलेगा इस परिवार को राहत और न्याय?
यह घटना शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ सरकार आपदा राहत और गरीब कल्याण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
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